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inflation is must in captalist model of economy

  inflation is must in captalist model of economy . In sanatn modal of economy there is no inflationery modal of economy . capitalist modal of ecoomy is based on debt model . santan model of economy is based on saving model . the great indian economist CHANAKYA has the given captalist model of economy in his book ARTHSHASTR . He has given the principles of Globalization ,trade , centerlized governan ce model , concept of nation state , concept of constitution , consumersim , present system of taxation , Concept of mass production etc . He implement these concept during the period of Mauryian Density . his model is collapsed with the end of mauryan empire . THE great king Vikramditya has apdeoted the sanatan modal of economy which is based on concept localization , small production , decentralised local governance model , model of savings etc . his period is called gloden period of india . with the advent of english man in india this sanatan model is forcibliy replaced with captalis...

सुरक्षित और अधिक आमदनी के लिये निवेश कहां करें

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शुद्ध सोने (pure gold ) निवेश के चारों मानकों पर खरा उतरता है |  1.  liquidity  2. Risk  3. Return  4. Morality नैतिकता और कोई भी निवेश इन चारों पैमानों पर खरा नही उतरता ।अब हम विभिन्न निवेशों का उपरोक्त चार पैमानों पर तुलनात्मक अध्ययन करेंगें । 1. Liquidity ------------  तरलता निवेश की उस विशेषता को दर्शाता है कि अगर कल को आपको धन की आवश्यकता पड़ गई वो कितनी जल्द आप को वापिस मिलता है । इस मामले में ज़मीन में निवेश बिल्कुल अच्छा नहीं है । Insurance में निवेश किया गया पैसा आपको जरूरत के समय बिल्कुल नहीं मिलता । अगर अपने  insurance करवाया हुआ है और आपको अचानक धन की आवश्यकता आन पड़ी तो बीमा कंपनी आपको कहेगी कि जो पैसा आपने बीमा में  निवेश किया हुआ वह  पैसा तभी मिल सकता है , अगर आप मर जाएं  या आपको कोई बीमारी हो जाए । अर्थात Insurance में निवेश बिल्कुल liquid नहीं है । आपको अपने पैसे के लिये ही भिखारी की तरह भटकना पड़ता है । शेयर्स में निवेश कभी कभी समय पर बिल्कुल वापिस नहीं मिलता । उदाहरण के लिये आपने किसी ऐसे शेयर में पैसा निवेश...

YES BANK LTD क्यों धराशायी हुआ

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जो लोग yes bank पर ज्ञान पेल रहें हैं । उनकी जानकरी के लिए बता दूं कि अगर मुझे किसी भी बैंक का central statutory auditor बना दिया जाए तो 7 दिन में इतने npa निकाल दूँ कि सारे बैंक दिवालिया हो जाएं । एक बार मैंने एक बैंक की ब्रांच का statutory audit किया था उस बैंक ब्रांच को loss में ला कर खड़ा कर दिया था । अगले तीन वर्षों तक बैंक ने मुझे ऐसी ब्रांच allot की ,जिनमें जा तो कोई loan ही नही था ,या सर्विस ब्रांच थी ,या नई खुली ब्रांच थी । अगर बैंक्स का सही ऑडिट हो तो सारे बैंक्स की capital negative हैं । सारे बड़े loan बिना security के केवल share गिरवीं रखकर दिए जाते हैं ,consumer loan ,vehicle loan , सबमें बहुत npa है लेकिन बैंक के parmoter पागल थोड़ी हैं कि उनको पता नहीं की loan वापिस नही आएगा लेकिन बैंक में उनका पैसा ना मात्र का लगा होता है और जनता का पैसा बहुत अधिक । जैसे y bank में r kapoor का अधिक से अधिक 500 करोड़ लगा है और depositors की fd ,saving आदि में 200000 करोड़ रुपये लगा है । अगर y बैंक डूबता है तो राणा कपूर को कुछ नहीं होगा । अब सारा खेल 200000 करोड़ लूटने का है । बैंकिंग system ...

बैंकिंग सिस्टम मुद्रा कैसे छापता है ?

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अगर आपके पास 10 लाख रुपए हैं । तो आप अधिक से अधिक 10 लाख रुपए ही उधार दे सकते हो । आप किसी को 11 लाख रुपए उधार नहीं दे सकते ।लेकिन बैंकिंग में यह प्रतिबंध लागू नहीं होता । इसको हम एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं। सन 2018 के अंत तक भारत में कुल मुद्रा लगभग 20 लाख करोड रुपए चल रही थी। और सारे बैंकों ने मिलाकर लगभग 60 लाख करोड रूपया उधार दे रखा था। इसका अर्थ यह हुआ कि बैंकों के पास अधिक से अधिक 20 लाख करोड रुपए की मुद्रा थी। फिर सारे बैंकों ने मिलकर 60 लाख करोड रुपए कैसे उधार दे दिए । इसी को बैंक द्वारा मुद्रा छापना कहा जाता है। देश में 2 तरीके की मुद्राएं चलती हैं। एक तो जो सरकार ने छपाई होती हैं ।और दूसरा जो बैंकों ने इस मुद्रा के अतिरिक्त जो लोन दिए होते हैं ।वह भी एक तरीके की मुद्रा ही है। इसको virtual करंसी कहते है । इससे आप वह सब काम कर सकते हैं जो सरकार द्वारा प्रिंट की गई मुद्रा से कर सकते हैं । अगर सरकार बैंकों पर यह रोक लगा दे। कि जितनी बैंक के पास मुद्रा है । बैंक उससे अधिक लोन नहीं दे सकता। तो देश की आम जनता के बारे नियारे हो जाएं । उपरोक्त उदहारण में सरकार लगभग 40 लाख कर...

सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम और पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम

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नमस्कार मित्रों आज हम चर्चा करेंगे सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम और पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम के बारे में। हम चर्चा करेंगे कि कैसे सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम से हरेक पैमाने पर अच्छा है। सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम कैसे उपभोक्ता के लिए भी अच्छा है और पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम और पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम के अंतर को जाने के लिए सबसे पहले हम एक उदाहरण लेते हैं l इस लेख को पूरी तरह समझने से लेख के साथ जो हमने चार्ट लगाया है उसे ध्यान से देखें ।  मान लो पंजाब  में एक शहर है संगरूर ।इसके इर्द गिर्द लगभग  500 व्यक्ति कुल्फी बनाने के धंधे में लगे हुए हैं। यह लोग गांव से दूध लेकर रात को जमा देते हैं और सुबह तैयार कुल्फी शुरू शहर में आकर बेच देते हैं ।इस तरह आपको ताजा कुल्फी खाने को मिलती है ।यह सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम का एक उदाहरण है।  दूसरी तरफ पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम में संगरूर शहर  के गावों का दूध पहले 72 किलोमीटर दूर लुधियाना में बसंत आइसक्रीम के प्लांट में ट्रकों में भर भर के भेजा जाता है ।वहां पर इस प्रोसेस...

कैसे पूंजीवादी बैंकिंग प्रणाली अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की सेल को प्रमोट कर रही है और छोटे दुकानदारों को खत्म किया जा रहा है|

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पूंजीवादी व्यवस्था का उद्देश्य यह होता है कि देश के  सारे के सारे संसाधन और अधिकार कुछ चंद पूंजीपतियों तक ही सीमित किए जाएं। पूंजीवादी व्यवस्थाओं को प्रमोट करने में  पूंजीवादी बैंकिंग प्रणाली का प्रमुख योगदान है। इसको हम एक उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं।  मान लो आपने एक दुकान खोली और उस दुकान में बेचने के लिए कुछ सामान रख दिया |अब वह समान को खरीदने के लिए एक ग्राहक आया | उसने बोला कि आपका सामान तो अच्छा है ।लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है ।तभी एक बैंक बाला जोकि पास में ही खड़ा था उसने दुकानदार को बोला कि आप सामान ग्राहक को दे दो । ग्राहक से रूपए  अपने आप वसूल कर लूंगा और मैं आपको तुरंत भुगतान कर दूंगा  । इस सारी व्यवस्था में फायदा किसका हुआ ?  चीज किसकी बिकी ? उत्तर है दुकानदार की ।बैंक को क्या लाभ हुआ? बैंक ने बिना किसी सिक्योरिटी लिए ग्राहक को उधार क्यों दे दिया? यही काम आजकल बैंकिंग प्रणाली कर रही है उदाहरण के लिए अगर आप लोकल दुकानदार से सामान खरीदते हो तो बैंक का आपको कोई उधार नहीं देता। लेकिन दूसरी तरफ अगर आप amazon.app फ्लिपकार्ट से सामा...

क्या पूंजीवादी बैंकिंग सिस्टम में आपका पैसा सुरक्षित है

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पूंजीवादी बैंकिंग सिस्टम में आप के पैसे से कैसे खेला जाता हैं उसको   आज समझने का प्रयास करते हैं | अगर आप बैंक से 10 लाख रूपए का HOUSING लोन लेने जाते हो | तो बैंक कम से कम 20 लाख की जमीन गिरवीं रखेगा | पांच लाख आपको अपने पास से भी लगाने के लिए कहेगा | इस तरह बैंक के पास 35 लाख के प्रॉपर्टी गिरवीं रखने पर आपको बैंक 10 लाख रूपए का लोन देगा | हाउसिंग लोन के केस में बैंक आपकी तीन साल की RETURN , VALUATION REPORT , NON ENCUMBRANCE CERTIFICATE ,Legal Opinion , Map passed By MC आदि DOCUMENTS मांगेगा | हो सकता है इनता सब कुछ देने के बाद बैंक फिर भी हाउसिंग लोन देने से इनकार कर दे | अब आप उसी बैंक में , उसी मेनेजर के पास जाईये और उसी से 10 लाख का कार लोन मांगे | तो वह फटाफट 10 लाख रूपए का लोन आपको दे देगा वह भी बहुत थोड़े डॉक्युमेंट्स पर । कार लोन आपको बिना किसी जमीन आदि गिरवी रखने के आसानी से एक दो दिन मेहो जाता है । यदपि 10 लाख के कार की कीमत शो रूम से निकलते ही 8 लाख की रह जाती है ।क्योकि हाई एंड गाडी लोग केवल स्टेटस सिंबल के लिए लेते है | इसलिए हाई एंड सेकंड हैण्ड गाडी की कीमत ब...

पूंजीवादी बैंकिंग सिस्टम से होती गरीबों की लूट

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बैंकिंग सिस्टम पूंजीवादी अर्थव्यस्था का एक तरह का इंजन हैं | पूंजीवादी अर्थव्यस्था का मुख्य उदेश्य गरीब और माध्यम वर्ग को लूटने में पूंजीपति वर्ग की मदद करना हैं | बैंकिंग मदद से आम आदमी की लूट कैसे की जाती है उसको हम एक उधाहरण से समझते हैं | ------------------------------------------ मान लो एक देश में 30 करोड व्यक्तियों ने एक बैंक में खाता खुलवाया और हर एक व्यक्ति ने एक 1000-1000 रुपया उस बैंक में जमा करवा दिया। इस बैंक में इस तरह 30,000 करोड़ रुपया जमा हो गया। अब इस बैंक के पास एक कंपनी आई जिसका नाम है Alok Industries । अब इस बैंक ने इस कंपनी को 29500 करोड रूपया उधार दे दिया वह भी इस कंपनी के शेयर गिरवी रख कर। अब इस कंपनी ने 29500 करोड रुपए की जमीन खरीद ली वह भी₹200000 प्रति एकड़ हिसाब से । अब मान लो 1 साल बाद इन 30 करोड़ लोगों में से किसी को 1 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ गई ।उसने प्रॉपर्टी डीलरो से संपर्क किया कि मुझे 1 एकड़ जमीन चाहिए ।इसको डीलर्स ने बताया क्योंकि जमीन किसी एक को कंपनी के पास hord गई है इसलिए अब 1 एकड़ जमीन की कीमत ₹800000 प्रति एकड़ हो गई। इस सारी प्रक्रिया में क...