कैसे पूंजीवादी बैंकिंग प्रणाली अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की सेल को प्रमोट कर रही है और छोटे दुकानदारों को खत्म किया जा रहा है|
पूंजीवादी व्यवस्था का उद्देश्य यह होता है कि देश के सारे के सारे संसाधन और अधिकार कुछ चंद पूंजीपतियों तक ही सीमित किए जाएं। पूंजीवादी व्यवस्थाओं को प्रमोट करने में पूंजीवादी बैंकिंग प्रणाली का प्रमुख योगदान है। इसको हम एक उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं। मान लो आपने एक दुकान खोली और उस दुकान में बेचने के लिए कुछ सामान रख दिया |अब वह समान को खरीदने के लिए एक ग्राहक आया | उसने बोला कि आपका सामान तो अच्छा है ।लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है ।तभी एक बैंक बाला जोकि पास में ही खड़ा था उसने दुकानदार को बोला कि आप सामान ग्राहक को दे दो । ग्राहक से रूपए अपने आप वसूल कर लूंगा और मैं आपको तुरंत भुगतान कर दूंगा । इस सारी व्यवस्था में फायदा किसका हुआ ? चीज किसकी बिकी ? उत्तर है दुकानदार की ।बैंक को क्या लाभ हुआ? बैंक ने बिना किसी सिक्योरिटी लिए ग्राहक को उधार क्यों दे दिया? यही काम आजकल बैंकिंग प्रणाली कर रही है उदाहरण के लिए अगर आप लोकल दुकानदार से सामान खरीदते हो तो बैंक का आपको कोई उधार नहीं देता। लेकिन दूसरी तरफ अगर आप amazon.app फ्लिपकार्ट से सामा...