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भारत सारे विश्व में कैसे छाया हुआ है । 1.east इंडीज़ यानि जो भारत के पूर्व में है ( इंडोनेशिया) अपना नाम भारत से प्राप्त करता है । 2.west इंडीज़ यानि जो भारत के पच्छिम में है , वह अपना नाम भारत से प्राप्त करता है 3.हिन्द महासागर ,तीन महासागरों में से एक अपना नाम भारत से प्राप्त करतें हैं। 4.अमेरिका की खोज भारत के कारण ही हुई । अमेरिका के मूल निवासी red indians अपना नाम भारत से प्राप्त करतें हैं । 5. cape of good hope यानि cape town अपना नाम भारत के कारण पाता है क्योंकि स्वेज़ नहर बनाने से पहले जो जहाज cape town तक पहुँच जाता था । उसको भारत पहुँचने की उम्मीद हो जाती थी । इसलिये पहले cape town का नाम cape of good hope कहा जाता था ।
खाज खुजली को राष्ट्रीय बीमारी घोषित कर देना चाहिये । अधिकतर खाज खुजली की समस्या की जड़ में है साबुन में पड़ने वाले घटिया तेल ,और हानिकारक रसायन । पिछले दो तीन साल से खाज की समस्या से बहुत परेशान था । पिछले वर्ष तो समस्या इतनी बढ़ गई थी कि रात एक बार खाज शुरू हो जाती तो रुकती ही नहीं थी । खाज के कारण दर्द भी होने लगता था । कुदरती एलोवेरा घिसने से कुछ आराम मिलता फिर वैसे का वैसा । हर दवा प्रयोग करके देख ली कोई बात नहीं बनी । फिर जड़ पर प्रहार करने की सोची । साबुन में प्रयोग होने वाले घटिया तेल और रसायन आपकी त्वचा में से वह रस सोख लेतें हैं जिनकी आपकी त्वचा और हड्डियों को बहुत अधिक आवश्यकता है । इससे छुटकारा पाने के लिये घर में ही साबुन बनाने का विचार मन में कौंधा । कई वीडियो देखकर और प्रयोग कर अंत में साबुन बनाने में सफलता मिल ही गई । सनातन साबुन । 40 ग्राम कॉस्टिक लें इसे 100 ग्राम पानी में घोल कर रख लें लगभग दो घण्टे तक । इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतें । उसके बाद 220 ग्राम कोहलू से निकला शुद्ध नारियल का तेल लें । कंपनियों के नारियल का तेल हानिकारक hexane नामक जहर से निकाला जाता है ।...
दोनों का तुलात्मक study के लिए sanatanbharata.blogspot.com पर विजिट करेंground report जो लोग अपना आटा स्वयं पिसवाते हैं वह आजकल गेहूँ में बाजरा ,जों , चने ,ज्वार , कोदरा आदि जैसे मोटे अनाज भी मिलाने लगें हैं । कल कब बाज़ार में से गेहूँ के आटे में यह सब लेनें के लिये गया तो दुकानदार ने यह सब बताया । साथ में 5 kg मक्की भी पिसवा ली । दूसरा लोग अब चीनी के स्थान पर गुड़ , शक्कर और देशी खांड का प्रयोग अधिक कर रहें हैं । यह किरयाने की दुकान पर पता चला । खाने पीने के मामले में slient क्रांति हो रही है । रिफाइन्ड , समुद्री नमक के पैर पूरी तरह से उखाड़ चुकें है । इनके स्थान पर सरसों के शुद्ध तेल और सेंधा नमक का प्रयोग बढ़ रहा है । शहरों में नए नए सनातन प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसे अट्टा चक्की , तेल निकालने के कोहलू आदि बड़े पैमाने खुल रहें हैं । अगली क्रांति थैली वाले बासी दूध के स्थान पर ताज़ा दूध , कंपनियों के बासी दही ,मक्खन के स्थान पर ताज़ा दही मक्खन ,पनीर और घटिया ready made देशी घी के स्थान पर मक्खन से तैयार देशी घी के क्षेत्र में होगी । रोज़गार , स्वास्थ्य , प्लास्टिक के प्रदूषण रोकने के लि...