1967 तक देश में jury system था । जज के साथ 10 12 स्थानीय लोगों की ज्यूरी बैठा करती थी । न्याय देने का अधिकार ज्यूरी के हाथो में होता था । Rustam फिल्म में आप देख सकते हैं । फिर पता नहीं क्या हुआ ज्यूरी सिस्टम को हटा दिया । अब फैसला केवल जज के हाथ में है । अगर जज को खरीद लो तो फ़ैसला आपके हक में हो जाता है । इंग्लिश में कहावत है Power corrupts Absolute Power corrupts Absolutely . अब जज के हाथ में absolute power आ गई है इसलिए अदालतों में अब बिना रिश्वत के फैसला भी नहीं होता । सनातन भारत वैसे तो सनातन न्याय व्यवस्था का पक्षधर है । जिसमे सबको त्वरित और निशुल्क न्याय दिया जाता था । लेकिन सरकार अगर सनातन न्याय व्यवस्था नहीं लगा सकती तो ज्यूरी सिस्टम को पुनः Restore करना चाहिए । सरकार के कान खोलने के लिए बता दुं कि जिस मुआशरे (देश) में लोगों को इंसाफ नहीं मिलता वह ज्यादा देर चल नहीं सकता । सनातन न्याय व्यवस्था विस्तार से फिर कभी

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